शास्त्र सभा
अरम बनाम धर्म की समानता के भ्रम को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने वाले शोध-पत्रों का संप्रभु संग्रह।
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श्रृंखला 1: फोरेंसिक ऑडिट
शोध-पत्र में प्रवेश करें
संलयन की कीमत
इस बात की विस्तृत फोरेंसिक जांच कि कैसे अनुवादकीय समानता की आड़ में तमिल नैतिक विचार की विशिष्ट ज्ञानमीमांसात्मक सीमाओं को व्यवस्थित रूप से मिटाया और संस्कृतिकरण किया गया।
अंकुरण (Incubating)
श्रृंखला 2: सामाजिक ढांचा
अंकुरण
वर्ण लूप
इस बात का विश्लेषण कि कैसे ब्रह्मांडीय व्यवस्था (धर्म) का उपयोग सामाजिक स्तरीकरण को मान्य करने और व्यक्तिगत कार्यों को जन्म-आधारित भूमिकाओं तक सीमित करने के लिए किया गया।
अंकुरण (Incubating)
श्रृंखला 3: ऐतिहासिक फोरेंसिक
अंकुरण
विरासत की लूट
उत्तरी ढांचों के अनुपालन को मजबूर करने के लिए शास्त्रीय तमिल ग्रंथों (जैसे तिरुक्कुरल) में मध्यकालीन हेरफेर और व्यवस्थित बदलावों की जांच।
अंकुरण (Incubating)
श्रृंखला 4: कानूनी फोरेंसिक
अंकुरण
ब्रिटिश-वैदिक संश्लेषण
औपनिवेशिक कानून के संहिताकरण और उन संस्थागत तंत्रों का विश्लेषण जिन्होंने आधुनिक प्रशासनिक नियंत्रण प्रणालियों में ब्राह्मणवादी अनुपालन मॉडल को मजबूत किया।
मूल अंतर
- अनुपालन बनाम चरित्र: धर्म एक पूर्व-निर्धारित ब्रह्मांडीय पदानुक्रम (वर्णाश्रम) के अनुपालन की प्रणाली है। अरम सार्वभौमिक मानवीय चरित्र और अंतंर्निहित गुण की प्रणाली है।
- स्तरीकरण बनाम समतावाद: धर्म जन्म के आधार पर "कर्तव्य" का विभाजन करता है। अरम प्रत्येक व्यक्ति से, उसकी सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना, एक पूर्ण नैतिक मानक की मांग करता है।
- ब्रह्मांडीय व्यवस्था बनाम मानवीय पथ: धर्म एक दिव्य यथास्थिति बनाए रखने का प्रयास करता है। अरम दुनिया के माध्यम से एक नैतिक मानवीय पथ बनाने की प्रक्रिया है।